Monday, December 21, 2009

आ जाओ जिंदगी में नए साल की तरह....:)))

सभी पढ़नेवालों को क्रिसमस और नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ बतौर तोहफा एक ग़ज़ल पेश कर रही हूँ.अपनी राय से ज़रूर नवाजें -
गुज़रो न बस क़रीब से ख़याल की तरह
आ जाओ जिंदगी में नए साल की तरह

कब तक खफा रहेगा शजर अपनी शाख से
झुक कर ले मिलो कभी तो डाल की तरह

ये है अदब की बज़्म अदालत नहीं कोई
उठते हो बार बार क्यों सवाल की तरह

ये क्या हुआ कि आये बैठे और चल दिए
रुकिए ज़रा तो खुशनुमा ख्याल की तरह

जो दे सके ज़माना आशिकी के नाम पर
पेश आइये जहाँ में उस मिसाल की तरह

अचरज करे ज़माना जिसको देख उम्र-भर
हो जाओ जिंदगी में उस कमाल की तरह

ये क्या कहा है तुझको "किरण" आफताब ने
चेहरा तेरा है लाल क्यों गुलाल कि तरह
********************
डॉ कविता"किरण"


22 comments:

  1. बहुत सुंदर और उत्तम भाव लिए हुए.... खूबसूरत रचना......

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  2. आपने बड़े ख़ूबसूरत ख़यालों से सजा कर एक निहायत उम्दा ग़ज़ल लिखी है।


    SANJAY KUMAR
    HARYANA
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  3. क्रिसमस और नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के SATH

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  4. kiran ji

    har pankti ne dil chhoo liya.........kis kis sher ki tarif karoon ..........poori gazal hi kabil-e-tarif hai.
    christmas aur new year ki hardik shubhkamnayein.

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  5. बहुत ही बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

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  6. किरण जी बधाई...बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही है आपने, सारे शेर अच्छे हैं लेकिन ये दो तो बस साथ लिए जा रहा हूँ:
    कब तक ताने रहोगे यूँ ही पेड़ की तरह
    झुक कर गले मिलो कभी तो डाल की तरह
    और
    आंसू छलक पड़ें फिर किसी की बात पर
    लग जाओ मेरी आँख से रूमाल की तरह
    वाह...वा...
    नीरज

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  7. कब तक तने रहोगे यूँ ही पेड़ की तरह
    झुक कर गले मिलो कभी तो डाल की तरह

    आंसू छलक पड़ें न फिर किसी की बात पर
    लग जाओ मेरी आँख से रूमाल की तरह

    किरण जी ....... बहुत लाजवाब शेर निभाए हैं आपने ........ कमाल का तरन्नुम है ........ बेहद खूबसूरत .........

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  8. बेहतरीन और बेमिसाल!!

    आंसू छलक पड़ें न फिर किसी की बात पर
    लग जाओ मेरी आँख से रूमाल की तरह

    अद्भुत प्रयोग है, वाह!

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  9. bhut sundar rajana hai mere pass sayad sabdh kam hai

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  10. एक एक पंक्ति
    हर एक शब्‍द
    नेक भावों को
    रूपायित करता
    करता नि:शब्‍द।

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  11. बहुत सुंदर कविता..... एक एक लफ्ज़ को बहुत खूबसूरती से पिरो कर लिखा है आपने...... कई छंद तो ऐसा लगा कि अभी जीवंत हो उठेंगे....

    बहुत अच्छी लगी यह कविता.... दिल को छू गयी....

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  12. आपकी ग़ज़ल की बानगी देखते ही बनती है...
    क्या लिखती हैं आप..माशाल्लाह....बस हम तो मुरीद हो गए आपके...
    शुक्रिया..

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  13. bahut hee sahaj sundar aur sukhad aamantran
    ham aaaye aapke blog par mehmaan kee tarah
    tippani de rahe hai der se sadaa kee tarah
    behad sundar geet
    behat sunder chitra
    aur utanaa hee sundar frame
    waah waah

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  14. आदाब अर्ज हजूर!
    आ जाओ जिन्दगी में नये साल की तरह
    कमाल का शेर...वाह!!!

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  15. blog..all of your poems are interesting and enjoyable to read..

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  16. बहुत ही सुन्दर कवितायेँ लिखी हैं आपने..

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  17. kiran g aapki ye kabita real mai achi hai sayad mai jitana tarif karu kam hoga koiki aapke pass khud saraswati ki kirapa hai bhut bhut achi

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  18. ग़म ने निभाया जैसे आप भी निभाइए
    मत साथ छोड़ जाओ अच्छे हाल की तरह
    लाजबाव.

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  19. मतला बहुत ही अच्छा लगा।
    मुकम्मल ज़मीन पर मुकम्मल ग़ज़ल के किये मुबारक बाद।

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  20. आपका कांताक्ट करना है
    मेरे मागज़ीने में
    आपको स्थान देना है
    यु अरे ग्राते
    आप खुबसूरत लिखती है
    मेरा कांताक्ट नो. ९८२४२ ९४१७५
    जामनगर-गुजरात से हु

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