Thursday, November 26, 2009

इस कदर कोई सताए तो सही



गैर को ही पर सुनाये तो सही
शेर मेरे गुनगुनाये तो सही

जी नहीं हमसे रकीबों से सही
आपने रिश्ते निभाए तो सही

है मिली किस बात की हमको सज़ा
ये कोई हमको बताये तो सही

आँख बेशक हो गई नम फ़िर भी हम
जख्म खाकर मुस्कुराये तो सही

याद आए हर घड़ी अल्लाह हमें
इस कदर कोई सताए तो सही

इन अंधेरों में फ़ना होकर "किरण"
हम किसीके काम आए तो सही
************************
डॉ कविता"किरण"


28 comments:

  1. औरो के काम आने की तमन्ना
    बहुत सुन्दर गज़ल
    भाव सुन्दर

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  2. bahut hi bhavbhini rachna.....har sher lajawaab.

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  3. सुंदर फोटो के साथ..... बहुत सुंदर कविता.......

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  4. सुंदर भाव लिए .........एक बेहतरीन ग़ज़ल .........

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  5. किन खताओं की मिली हमको सज़ा
    ये कोई हमको बताये तो सही
    Bahut sahi farmaya aapne.
    http://sahityasrajan.blogspot.com

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  6. याद आए हर घड़ी अल्लाह मगर
    इस कदर कोई सताए तो सही
    kya baat hai? laajawaab!

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  7. yahi to dard hai........apni khataon ka pata hi nahi. naraz rahte hain log, vajah koi batata hi nahi.........

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  8. waah! sabhi sher badhiya hain.
    khubsurat gazal !

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  9. दिल को छूती हर एक शेर गुनगुनाने योग्य.

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  10. गैर को ही, पर सुनाये तो सही
    शेर मेरे गुनगुनाये तो सही

    न सही हमसे, रकीबों से सही
    आपने रिश्ते निभाए तो सही

    किन खताओं की मिली हमको सज़ा
    ये कोई हमको बताये तो सही

    आँख अपनी नम हुई तो क्या हुआ
    जख्म खाकर मुस्कुराये तो सही

    याद आए हर घड़ी अल्लाह मगर
    इस कदर कोई सताए तो सही

    जिंदगी चाहे न हो, वो मौत हो
    हम किसीके काम आए तो सही


    yeh jo aapne lines likhi hei bahut hi beautiful hei inko padhkar yahi lagta hei ki mei kafhi samay se jin panktiyo ki talaash mei tha wo aaj muzhe mil gayi . Inko padhkar laga aapne inhe dil ki gahraayio mei Doobkar apane mann mei chipe bhao ko kagaj per sabdo mei badalkar utaraa hei in ati sundar lines evam aapke beautiful photo dono ke liye sadhuwaad. aap isi tarah likhte rahe yahi kaamna ke saath......
    Aapka hi
    Shishir Pandit

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  11. बेहतरीन ग़ज़ल...हर शेर कमाल का है...दिली दाद कबूल करें...
    नीरज

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  12. shukria kavita,
    bahut dinon baad tumhare blog par aayi aur gazal padhkar bahut accha laga.tumhare haq mein tamam duaon ke saath........lata

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  13. आपने बड़े ख़ूबसूरत ख़यालों से सजा कर एक निहायत उम्दा ग़ज़ल लिखी है।

    Sanjay kumar
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  14. याद आए हर घड़ी अल्लाह हमें
    इस कदर कोई सताए तो सही

    जिंदगी के तो नहीं पर मौत के
    हम किसीके काम आए तो सही

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  15. डा. साहिबा,
    शेर यहां दोहराने की ज़रूरत नहीं
    पूरी ग़ज़ल इल्म-ओ-फन के ऐतबार से मुकम्मल है.
    शाहिद मिर्ज़ा शाहिद

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  16. "याद आए हर घड़ी अल्लाह हमें
    इस कदर कोई सताए तो सही"
    अंतर्मन के कपाटों पर दस्तक देती ग़ज़ल.

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  17. manniya kavitaji
    han nahin humse rakibon se sahi
    aapne riste nibhaye to sahi
    kya behatrin khayal hain adab ke dayre mein
    shikva shikayat ka andaj kabile tarif hai badhai

    jagdish tapish

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  18. जितना खूबसूरत रचनाओं का आंतरिक सौंदर्य है उतनी ही बेमिसाल बुनगट और प्रस्तुति है ! इन रचनाओं से बार-बार साक्षात होने का दिल करता है ! लाजवाब !
    रवि पुरोहित

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  19. LaJawaB ................ GAZAL

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  20. आपकी रचना की क्या तारीफ करूँ तारीफ की तो सूरज को रौशनी दिखाने समान होगा ... बधाई हो
    आप हमारे गरीबखाने भी तशरीफ़ लायें हमे बहुत ख़ुशी होगी
    गुलाम नबी
    आज़ाद न्यूज़
    www.gulamnabi86.blogspot.com

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  21. शाम ढलती रही , और सूरज डूब गया सागर में |
    बस तेरी याद ही रही , जो ली मुझे मयखाने में ||



    shekhar kumawat

    kavyawani.blogspot.com/

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